आखिर जे पी सी क्या है ,यह जानना जरूरी है । जे पी सी कोई जाँच अजेंसी या कमेटी नहीं होती । बाकि संसदिये समितेयों की तरह जे पी जी भी सभी दलों के सदस्यों की तरह एक संसदिये कमिटी है जो विशेष मुद्दों की जाँच करती है । कोई इस ग़लतफ़हमी में न रहे की जे पी सी बन्ने से निस्कर्स आ जायेगा अतीत में भी जे पी सी का गठन हो चूका है वो मुद्दे खान गये किसी को पता नही । सरकार को इससे जय आराम रहता की जे पी सी बनाकर पूरे मामले को ठन्डे बसते में डाल देती । सालों साल जे पी सी चलेगी मुद्दे दब जाएँगे ।
ये उक्त बातें कही हैं कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने । बहरहाल जब कांग्रेस और शुक्ला ये जानते हैं तो पार्टी ये बालहठ छोड़ क्यूँ नहीं देती ? जे पी सी पर तयार क्यूँ नै हो जाती
गोरतलब है की सुब्रमण्यम स्वामी जो साऊथ में जनता पार्टी के तत्कालीन अद्यक्ष हैं कानून मंत्री भी रह चुके हैं कहा की अवसर की राजनीती करने वाली कोंग्रेस इस पूरे प्रकरण में बुरे तरह से फँस रही है । यह पूरे गाँधी नेहरु परिवार के अस्मिता का सवाल है अगर ये सिर्फ मनमोहन शिंह की अकर्मण्यता होते तो कांग्रेस कब की तयार हो जाती । सुब्रमन्यम स्वामी ने बताया की ४० हजार करोड़ जो देश के जनता के पैसे हैं सोनिया के बहन को पहुचाया गया है । यह कांग्रेस के लिए गले की फाँस बनता जा रहा है । मसलन कांग्रेस घबरा रही है ।
अगर राजीव शुक्ला की बात करें तो कुछ सालों पहले वो मिडिया में अच्छा दखल रखते थे । एक सशक्त पत्रकार रह चुकें है पर ये जो बयाँ आया है जनता उसे कता समझे एक राज नेता का ब्यान या एक पत्रकार के कलम की स्याही ।
खैर अगर फिलवक्त पत्रकारिता की बात करें तो वो भी दो खेमो में बात गयी है पहला मिडिया दूसरा रादिया । इनका यह बयाँ तो इनको पत्रकारिता के दुसरे खेमे में कतारबद्ध खाड़ी करती है ।
और अगर देश की एक जिमेद्दर रास्ट्रीय पार्टी का प्रवक्ता इस तरह का बयाँ देता है और देश का पैसा जो जनता का है इस तरह लुटाया जाता है तो यह दुर्भाग्य पूर्ण है । इन करतूतों से झलकता है की विचारधारा क्या है । आम लोगों की पार्टी के रूप में चाप छोड़ने वली कांग्रेस किन लोगों की हिमायती है इसकी कलाई बखूबी खोलती है २ जी स्पेक्ट्रम । इसकी जे पी सी जाँच होनी ही चाहिए । अगर ऐसा नहीं होता तो आम आदमी का भरोसा न्याय पालिका से उठ जायेगा ।
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